डॉ. देवराज शुक्ला और डॉ. अश्विनी कुमार शुक्ला

पशु चिकित्सक (वेटरनरी डॉक्टर)

🎓 B.V.Sc. & A.H.
📍 कानपुर, उत्तर प्रदेश

15+ वर्षों का अनुभव | हजारों पशुओं का सफल इलाज

🐄
गाय-भैंस
🐕
कुत्ते-बिल्ली
🐑
भेड़-बकरी
💉
टीकाकरण

थनैला रोग

गाय-भैंस में थन की सूजन और संक्रमण

🩺लक्षण पहचानें

• थन में सूजन और गर्माहट

• दूध में खून या मवाद

• दूध में दाने या झिल्ली

• दूध उत्पादन में कमी

• थन छूने पर दर्द

• बुखार (गंभीर मामलों में)

🔍मुख्य कारण

  • • गंदे और गीले फर्श पर रहना
  • • दूध निकालते समय साफ-सफाई की कमी
  • • जीवाणु संक्रमण
  • • थन में चोट या घाव
  • • अधूरा दूध निकालना

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारखुराकअवधि
मास्टिलेपथन में डालने वालीप्रभावित थन में १ सिरिंज३-५ दिन
टोपेंडथन में डालने वालीप्रभावित थन में १ सिरिंज३ दिन
जेंटामाइसिनइंजेक्शन५-१० मिली५ दिन
सेफ्टीओफरइंजेक्शन१ मिली प्रति ५० किलो३-५ दिन
मेलोनेक्सइंजेक्शन (दर्द निवारक)१०-१५ मिली३ दिन

🛡️बचाव कैसे करें

✓ दूध निकालने से पहले थन धोएं

✓ साफ और सूखा बिछावन रखें

✓ पूरा दूध निकालें

✓ दूध निकालने के बाद थन साफ करें

✓ नियमित थन की जांच करें

✓ सूखे पशु को थन में दवा दें

⚠️तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • • तेज बुखार (१०४°F से ऊपर)
  • • थन में गलन या काला रंग
  • • पशु खाना-पीना बंद कर दे
  • • दूध में बदबू आए
  • • २ दिन में सुधार न हो

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मुंहपका-खुरपका रोग

अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी - तुरंत इलाज जरूरी

🩺लक्षण पहचानें

• तेज बुखार (१०४-१०६°F)

• मुंह में छाले और लार गिरना

• खुरों में घाव और लंगड़ापन

• थन पर छाले

• खाना-पीना बंद करना

• दूध उत्पादन में भारी गिरावट

• मुंह चपचपाना और आवाज करना

• कमजोरी और सुस्ती

🔍मुख्य कारण

  • • वायरल संक्रमण (अत्यधिक संक्रामक)
  • • संक्रमित पशु के संपर्क में आना
  • • संक्रमित चारा या पानी
  • • हवा के माध्यम से फैलाव
  • • टीकाकरण न होना
  • • गंदगी और भीड़-भाड़ वाले स्थान

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारखुराकअवधि
मेलोनेक्सइंजेक्शन (बुखार)१५-२० मिली३-५ दिन
पैरासिटामोल बोलसगोली (बुखार)२-३ गोली३ दिन
ऑक्सीटेट्रासाइक्लिनइंजेक्शन (संक्रमण)१० मिली५ दिन
विटामिन बी-कॉम्प्लेक्सइंजेक्शन (ताकत)१० मिली५-७ दिन
ग्लिसरीन बोरेक्समुंह में लगाने कीदिन में २-३ बारजब तक ठीक हो
पोटाशियम परमैंगनेटखुर धोने कीपतला घोलरोज
कॉपर सल्फेटखुर में लगाने कीपाउडर या पेस्टरोज

🛡️बचाव कैसे करें

✓ नियमित टीकाकरण (साल में २ बार)

✓ संक्रमित पशु को अलग रखें

✓ साफ-सफाई का विशेष ध्यान

✓ नए पशु को अलग रखकर जांचें

✓ चारा-पानी साफ रखें

✓ बाहरी लोगों का आना-जाना कम करें

विशेष सावधानियां

  • • यह बीमारी बहुत तेजी से फैलती है
  • • संक्रमित पशु को तुरंत अलग करें
  • • उपयोग के बर्तन अलग रखें
  • • पशु चिकित्सा विभाग को सूचित करें
  • • मरे पशु को गहरा दबाएं या जलाएं
  • • टीकाकरण सबसे बेहतर बचाव है

⚠️तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • • तेज बुखार (१०४°F से ऊपर)
  • • पशु बिल्कुल खाना-पीना बंद कर दे
  • • सांस लेने में दिक्कत हो
  • • दिल की धड़कन बहुत तेज हो
  • • पशु लड़खड़ाने लगे

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अफरा रोग (पेट फूलना)

पेट में गैस भरना - जानलेवा हो सकता है, तुरंत इलाज करें

🩺लक्षण पहचानें

• पेट का बायां हिस्सा फूलना

• बेचैनी और घबराहट

• बार-बार लेटना और उठना

• खाना-पीना बंद करना

• जुगाली न करना

• सांस लेने में तकलीफ

• पेट पर थपथपाने से ड्रम जैसी आवाज

• लार गिरना और मुंह से झाग

🔍मुख्य कारण

  • • अधिक हरा चारा खा लेना (खासकर बरसीम, लूसर्न)
  • • गीला या ओस वाला चारा खाना
  • • अधिक दाना या सड़ा हुआ चारा
  • • गेहूं का भूसा ज्यादा खा लेना
  • • पेट में किसी चीज का अटक जाना
  • • अचानक चारा बदलना

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारखुराकउपयोग
टिम्पोलतरल दवा१००-२०० मिलीगैस निकालने के लिए
ब्लोटोसिलतरल दवा१००-१५० मिलीगैस और अफरा दूर करने को
तारपीन का तेलतेल१००-२०० मिलीगैस निकालने और पाचन
सरसों का तेलतेल२५०-५०० मिलीपाचन तंत्र सुधारने को
पाचक चूर्णचूर्ण५०-१०० ग्रामपाचन सुधारने के लिए
मैग्नीशियम सल्फेटनमक२५०-५०० ग्रामपेट साफ करने के लिए

🏠घरेलू उपचार (हल्के अफरे में)

  • • सरसों का तेल २५० मिली मुंह में डालें
  • • हींग १०-२० ग्राम पानी में घोलकर पिलाएं
  • • अजवाइन ५० ग्राम पानी में उबालकर पिलाएं
  • • नीम की पत्ती पीसकर १०० ग्राम खिलाएं
  • • पशु को चलाते रहें (गैस निकलने में मदद)
  • • ठंडा पानी पेट पर डालें

🛡️बचाव कैसे करें

✓ हरा चारा धीरे-धीरे बढ़ाएं

✓ गीला या ओस वाला चारा न दें

✓ अचानक चारा न बदलें

✓ खाने से पहले सूखा चारा दें

✓ पानी हमेशा साफ रखें

✓ नियमित व्यायाम करवाएं

⚠️तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • • पेट बहुत ज्यादा फूल गया हो
  • • सांस लेने में बहुत तकलीफ हो
  • • पशु गिरने लगे या बेहोश हो
  • • घरेलू इलाज से १-२ घंटे में आराम न हो
  • • मुंह नीला पड़ने लगे
  • • बहुत तेज बेचैनी हो

⚡ नोट: गंभीर अफरे में ट्रोकार से गैस निकालनी पड़ती है - यह सिर्फ डॉक्टर ही कर सकते हैं!

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प्रजनन समस्याएं

गर्मी न आना, रुका हुआ जेर, बांझपन का इलाज

🩺मुख्य समस्याएं

• गर्मी न आना (मद न आना)

• बार-बार गर्मी आना (गर्भ न ठहरना)

• रुका हुआ जेर (नाल न गिरना)

• गर्भपात हो जाना

• बच्चेदानी बाहर आना

• सफेद पानी आना (ल्यूकोरिया)

🔍मुख्य कारण

  • • कमजोरी और कुपोषण
  • • विटामिन और खनिज की कमी
  • • गर्भाशय में संक्रमण
  • • हार्मोन असंतुलन
  • • गलत समय पर गर्भाधान
  • • अंडाशय में सिस्ट (गांठ)
  • • ब्यांत के समय चोट लगना

💊इलाज और दवाएं

समस्यादवा का नामखुराकउपयोग
रुका हुआ जेरऑक्सीटोसिन इंजेक्शन२०-३० यूनिटजेर निकालने के लिए
गर्मी न आनाजीपीजी इंजेक्शनडॉक्टर के अनुसारहार्मोन संतुलन
गर्मी न आनापीजीएफ२अल्फा२ इंजेक्शन (११ दिन के अंतर पर)गर्मी लाने के लिए
संक्रमणसेफ्टीओफर इंजेक्शन१ मिली प्रति ५० किलोगर्भाशय संक्रमण
सफेद पानीमेट्रोनिडाजोल बोलसगर्भाशय में डालने कीसंक्रमण साफ करने को
कमजोरीकैल्शियम बोरोग्लूकोनेट४५० मिली (नस में)ताकत के लिए
पोषणमिनरल मिक्सचर५०-१०० ग्राम रोजविटामिन-खनिज पूर्ति

🔬कृत्रिम गर्भाधान (एआई) की सही जानकारी

  • सही समय: गर्मी शुरू होने के १२-१८ घंटे बाद
  • पहचान: पशु बेचैन हो, बार-बार पेशाब करे, दूसरे पशुओं पर चढ़े
  • दोहराना: अगर पहली बार गर्भ न ठहरे तो १२ घंटे बाद दोबारा
  • गुणवत्ता: अच्छी नस्ल का बीज चुनें
  • सफाई: गर्भाधान से पहले साफ-सफाई जरूरी

🛡️बचाव कैसे करें

✓ पौष्टिक आहार दें

✓ नियमित व्यायाम करवाएं

✓ मिनरल मिक्सचर नियमित दें

✓ साफ-सफाई का ध्यान रखें

✓ गर्मी का सही समय पहचानें

✓ प्रशिक्षित एआई तकनीशियन बुलाएं

⚠️तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • • ब्यांत के २४ घंटे बाद भी जेर न गिरे
  • • गर्भाशय बाहर निकल आए
  • • बदबूदार स्राव आए
  • • तेज बुखार हो
  • • लगातार ३-४ बार गर्भ न ठहरे
  • • ६ महीने से ज्यादा गर्मी न आए

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लंगड़ापन और खुर रोग

खुरों में संक्रमण, घाव और लंगड़ापन का इलाज

🩺लक्षण पहचानें

• लंगड़ाकर चलना

• खुर में सूजन और गर्माहट

• खुरों से बदबू आना

• खुर में मवाद या खून

• पशु खड़े होने से मना करे

• बुखार (संक्रमण होने पर)

• खाना-पीना कम करना

• दूध उत्पादन में कमी

🔍मुख्य कारण

  • • गंदे और गीले फर्श पर रहना
  • • कीचड़ और गोबर में रहना
  • • खुरों की सफाई न करना
  • • कठोर या पथरीली जमीन पर चलना
  • • खुरों में पत्थर या कांटा चुभना
  • • जीवाणु संक्रमण (फुट रॉट)
  • • खुरों का अधिक बढ़ जाना

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारउपयोगअवधि
पोटाशियम परमैंगनेटघोल (धोने की)खुर धोने के लिएरोज २-३ बार
कॉपर सल्फेटपाउडर/पेस्टघाव में लगाने के लिएरोज १ बार
बोरिक एसिड पाउडरपाउडरखुर में छिड़कने के लिएरोज
आयोडीन टिंचरतरलघाव साफ करने के लिएरोज
ऑक्सीटेट्रासाइक्लिन स्प्रेस्प्रेसंक्रमण रोकने के लिएरोज २ बार
पेनिसिलिन इंजेक्शनइंजेक्शनगंभीर संक्रमण में५ दिन
मेलोनेक्सइंजेक्शन (दर्द)दर्द और सूजन कम करने को३ दिन

🔧इलाज कैसे करें (कदम-दर-कदम)

  1. सफाई: पहले खुर को गुनगुने पानी से धोएं
  2. काटना: अगर खुर बढ़ गया हो तो काटें
  3. घाव साफ करें: पोटाशियम परमैंगनेट के घोल से धोएं
  4. दवा लगाएं: कॉपर सल्फेट या आयोडीन लगाएं
  5. पट्टी बांधें: साफ कपड़े से पट्टी करें
  6. सूखा रखें: पशु को सूखी जगह पर रखें
  7. रोज दोहराएं: जब तक ठीक न हो

🛡️बचाव कैसे करें

✓ फर्श सूखा और साफ रखें

✓ नियमित खुर की सफाई करें

✓ ६ महीने में खुर कटाई करें

✓ फुट बाथ (खुर नहाने का गड्ढा) बनाएं

✓ नियमित व्यायाम करवाएं

✓ पौष्टिक आहार दें (जिंक, बायोटिन)

🛁फुट बाथ कैसे बनाएं

  • • २-३ फीट लंबा और १ फीट चौड़ा गड्ढा बनाएं
  • • ६-८ इंच गहरा रखें
  • • कॉपर सल्फेट या फॉर्मेलिन का घोल भरें
  • • सप्ताह में २-३ बार पशुओं को इससे गुजारें
  • • हर १५ दिन में घोल बदलें

⚠️तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • • खुर से खून बहुत ज्यादा बह रहा हो
  • • बदबू बहुत तेज हो
  • • पशु बिल्कुल खड़ा न हो पाए
  • • तेज बुखार हो
  • • ३-४ दिन में आराम न हो
  • • खुर का हिस्सा टूट गया हो

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पार्वो वायरस (कुत्तों में)

बहुत खतरनाक बीमारी - तुरंत इलाज जरूरी

🩺लक्षण पहचानें

• खूनी दस्त (बहुत बदबूदार)

• बार-बार उल्टी

• तेज बुखार

• खाना-पीना बंद

• बहुत कमजोरी

• पानी की कमी (डिहाइड्रेशन)

🔍मुख्य कारण

  • • वायरल संक्रमण (अत्यधिक संक्रामक)
  • • संक्रमित कुत्ते के मल से फैलता है
  • • पिल्लों में ज्यादा खतरा (२ माह से १ साल)
  • • टीकाकरण न होना
  • • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारखुराकउपयोग
आईवी ड्रिपतरल पदार्थडॉक्टर के अनुसारपानी की कमी पूरी करने को
मेट्रोनिडाजोलइंजेक्शन/गोली१० मिग्रा/किलोसंक्रमण रोकने के लिए
सेफ्ट्रियाक्सोनइंजेक्शन२० मिग्रा/किलोएंटीबायोटिक
ओंडानसेट्रोनइंजेक्शन०.५ मिग्रा/किलोउल्टी रोकने के लिए
ओआरएसघोलथोड़ा-थोड़ा बार-बारपानी की कमी के लिए

🛡️बचाव कैसे करें

✓ समय पर टीकाकरण (६, ९, १२ सप्ताह)

✓ पिल्लों को बाहर न ले जाएं (टीके से पहले)

✓ साफ-सफाई का ध्यान रखें

✓ संक्रमित कुत्तों से दूर रखें

⚠️तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • • खूनी दस्त दिखे
  • • बार-बार उल्टी हो
  • • पिल्ला बहुत कमजोर हो गया
  • • पानी भी न पी पाए
  • • तेज बुखार हो

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टिक्स और पिस्सू

बाहरी परजीवी - खुजली और संक्रमण

🩺लक्षण पहचानें

• बहुत खुजली होना

• बाल झड़ना

• त्वचा पर लाल दाने

• टिक्स दिखाई देना

• काले दाने जैसे पिस्सू

• कमजोरी (खून चूसने से)

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारखुराकउपयोग
फिप्रोनिल स्प्रेस्प्रेपूरे शरीर परटिक्स-पिस्सू मारने को
आइवरमेक्टिनइंजेक्शन०.२ मिग्रा/किलोटिक्स इलाज
एक्टिवेट टिक कॉलरकॉलरगले में पहनाएंबचाव के लिए
सिमपारिका गोलीगोलीमहीने में १ बारटिक्स-पिस्सू रोकथाम
परमेथ्रिन शैंपूशैंपूसप्ताह में १ बारनहलाने के लिए

🛡️बचाव कैसे करें

✓ नियमित टिक कॉलर पहनाएं

✓ महीने में १ बार दवा दें

✓ घास और झाड़ियों से दूर रखें

✓ घर में साफ-सफाई रखें

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त्वचा रोग (खुजली और फंगल)

त्वचा संक्रमण और एलर्जी का इलाज

🩺लक्षण पहचानें

• लगातार खुजली

• गोल-गोल गंजे पैच

• त्वचा लाल और सूजी हुई

• बाल झड़ना

• त्वचा से बदबू

• पपड़ी या पपड़ी जैसी त्वचा

🔍मुख्य कारण

  • • फंगल इन्फेक्शन (रिंगवर्म)
  • • एलर्जी (खाने से या वातावरण से)
  • • बैक्टीरियल संक्रमण
  • • घुन (माइट्स) का संक्रमण
  • • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारखुराकउपयोग
केटोकोनाजोल शैंपूशैंपूसप्ताह में २ बारफंगल इन्फेक्शन
आइट्राकोनाजोलगोली५ मिग्रा/किलोगंभीर फंगल इन्फेक्शन
एपोक्वेलगोली०.४-०.६ मिग्रा/किलोखुजली और एलर्जी
प्रेडनिसोलोनगोली०.५ मिग्रा/किलोसूजन कम करने को
सेफालेक्सिनगोली१५-३० मिग्रा/किलोबैक्टीरियल संक्रमण

🛡️बचाव कैसे करें

✓ नियमित नहलाना

✓ सूखा और साफ रखें

✓ पौष्टिक आहार दें

✓ एलर्जी वाले खाने से बचें

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हेयरबॉल्स (बाल गांठ)

बिल्लियों में बाल उल्टी की समस्या

🩺लक्षण पहचानें

• बार-बार उल्टी करने की कोशिश

• बाल की गांठ उल्टी में

• कब्ज या दस्त

• खाना कम खाना

• खांसी जैसी आवाज

• पेट फूलना

🔍मुख्य कारण

  • • खुद को चाटने से बाल निगलना
  • • लंबे बालों वाली नस्लें
  • • बहुत ज्यादा चाटना (तनाव या त्वचा रोग)
  • • कम फाइबर वाला खाना

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारखुराकउपयोग
लैक्सेटोन पेस्टपेस्ट२-३ सेमी रोजबाल बाहर निकालने को
पेट्रोलियम जेलीजेली१ चम्मच सप्ताह में २ बारबाल फिसलाने के लिए
हाई फाइबर फूडविशेष खानारोजपाचन सुधारने को
हेयरबॉल कंट्रोल फूडविशेष खानारोजबाल गांठ रोकने को

🛡️बचाव कैसे करें

✓ रोज ब्रश करें (खासकर लंबे बाल वाली)

✓ हाई फाइबर खाना दें

✓ खूब पानी पिलाएं

✓ सप्ताह में २ बार लैक्सेटोन पेस्ट

⚠️तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • • बिल्कुल खाना-पीना बंद कर दे
  • • कई दिनों से कब्ज हो
  • • पेट बहुत फूल गया हो
  • • बार-बार उल्टी करे लेकिन कुछ न निकले

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किडनी (गुर्दे) की बीमारी

बुजुर्ग बिल्लियों में आम समस्या

🩺लक्षण पहचानें

• बहुत ज्यादा पानी पीना

• बार-बार पेशाब करना

• भूख न लगना

• वजन घटना

• उल्टी होना

• कमजोरी और सुस्ती

• मुंह से बदबू

• बाल रूखे और बेजान

🔍मुख्य कारण

  • • उम्र बढ़ना (७ साल से ऊपर)
  • • संक्रमण
  • • पानी कम पीना
  • • अनुवांशिक कारण
  • • जहरीले पदार्थ

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारखुराकउपयोग
रेनल डाइटविशेष खानारोजकिडनी पर बोझ कम करने को
फ्लूइड थेरेपीसबकट इंजेक्शनडॉक्टर के अनुसारपानी की कमी पूरी करने को
एसिड न्यूट्रलाइजरगोलीरोजपेट की एसिडिटी कम करने को
फॉस्फेट बाइंडरगोलीखाने के साथफॉस्फेट कम करने को
ब्लड प्रेशर दवागोलीडॉक्टर के अनुसारबीपी नियंत्रण

🍽️खाने में ध्यान दें

  • • कम प्रोटीन वाला खाना
  • • कम नमक
  • • कम फॉस्फोरस
  • • ओमेगा-३ फैटी एसिड
  • • खूब पानी पिलाएं

🛡️बचाव कैसे करें

✓ खूब पानी पिलाएं

✓ गुणवत्ता वाला खाना दें

✓ नियमित चेकअप (७ साल के बाद)

✓ वजन नियंत्रित रखें

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सर्दी-जुकाम (श्वसन संक्रमण)

बिल्लियों में नाक-गला संक्रमण

🩺लक्षण पहचानें

• बार-बार छींकना

• नाक से पानी या मवाद

• आंखों से पानी आना

• खाना-पीना कम करना

• बुखार और सुस्ती

• सांस लेने में आवाज

🔍मुख्य कारण

  • • वायरल संक्रमण (फेलाइन हर्पीस, कैलिसी वायरस)
  • • कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता
  • • ठंड और नमी
  • • संक्रमित बिल्ली के संपर्क में आना
  • • टीकाकरण न होना

💊इलाज और दवाएं

दवा का नामप्रकारखुराकउपयोग
डॉक्सीसाइक्लिनगोली/सिरप५ मिग्रा/किलोएंटीबायोटिक
एल-लाइसिनपाउडर/पेस्ट२५०-५०० मिग्रा रोजरोग प्रतिरोधक बढ़ाने को
आई ड्रॉपबूंदेंदिन में ३-४ बारआंखों के लिए
स्टीम थेरेपीघरेलूदिन में २-३ बारनाक खोलने के लिए
विटामिन सप्लीमेंटसिरपडॉक्टर के अनुसारताकत बढ़ाने को

🛡️बचाव कैसे करें

✓ समय पर टीकाकरण

✓ गर्म और सूखी जगह रखें

✓ पौष्टिक आहार दें

✓ संक्रमित बिल्लियों से दूर रखें

⚠️तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें यदि:

  • • बिल्कुल खाना-पीना बंद कर दे
  • • सांस लेने में बहुत तकलीफ हो
  • • तेज बुखार हो
  • • ३-४ दिन में सुधार न हो

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